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Showing posts from November, 2009

ज़िन्दगी को मारो और गडे मुर्दे उखाडो

गुजरात के चुनावों के नतीजे आ गए. लोगो ने कहा भाजपा जीत गयी, भाजपा खेमे में खुशिया छा गयी जबकि कांग्रेसी खेमे में मायूसी . कइयो ने एक दुसरो से पुछा की आपका क्या विचार है . भई विचार है तो तब व्यक्त करते जब विचार की जीत होती . ये कामो की जीत थोड़े ही न है कारनामो की जीत है . भाजपा की जीत नहीं हुई थी, नरेन्द्र मोदी की जीत हुई थी. व्यक्ति की जीत नहीं हुई थी उन मुर्दों की जीत हुई थी जिन्हें गोधरा में भून दिया गया, किसने भूना नहीं पता किसीको, पर कहा गया के मुसलमानों ने भूना और नरेन्द्र मोदी ने उन भुने हुवे लोगो को और भी भुनाया. किसी व्यक्ति को बनाने में मरे हुए लोग भी बड़ा योगदान दे सकते है. हमें अब मारे गए लोगो की कीमत कम नहीं आंकनी चाहिए. कुछ लोगो के द्वारा गोधरा में क्रूरतम कृत्या नहीं किया जाता तो गुजरात से नरेन्द्र मोदी गुज़र गए होते. उस गोधरा ने इससे धरा नहीं दिखाई बल्कि आसमान में बिठा दिया. इन नतीजो से ही सिध्ध होता है की इस देश में जिंदा लोगो से ज्यादा निर्णायक भूमिकाए मुर्दे उठाते है.

एक इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद पुरे देश में जो गुस्से और सहानुभूति की लहर पैदा हुई उसने कांग्रेस को…

आशा है

कुछ गलतिया हम इंसानों पर कितनी भारी पड़ती है, कभी कभी सोचते सोचते रो पड़ता हु. अच्छा इंसान बनने की कोशिश कर रहा हु ये गोड तो जानते ही है. गोड अच्छे है सब अच्छा कर देंगे.

What will happen to your emails or scraps or the entries you publish when you'll die??

A good mail, the author of which I don't know exactly

Saving that parting e-mail from your first love in your inbox? Well, chances are, after you pass away, your spouse and the entire family will know about the long held secret. This is because web email services like Hotmail and Gmail do not let users specify what should happen to their messages when they die.In fact, email services owned by Internet giants like Google and Microsoft have a policy of keeping your data after you die and letting your next of kin or the executor of your estate access it. These services can hold tens of thousands of messages. Accounts with Google's Gmail can hold up to 7GB -- or roughly 70,000 emails with a small to medium picture attached to each and they archive the messages you've written as well as received. When it comes to deleting the data, Microsoft's Hotmail will remove an account if it is inactive for 270 days, while Gmail leaves the responsibility to the next of kin. Of the top t…